Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
क़िस्से CRICKET KISSE | POLITICKAL KISSE | BOLLYBOOD KISSE
  1. Home
  2. एमपी

Category: क़िस्से

    एमपी
    इतिहास के झरोखे से ग्वालियर राज्य,जिसमे शामिल थी 290 जागीरें

    इतिहास के झरोखे से ग्वालियर राज्य,जिसमे शामिल थी 290 जागीरें

    तत्कालीन ग्वालियर राज्य ******************** ग्वालियर रियासत सेंट्रल इंडिया एजेंसी की सबसे बड़ी रियासत रही है। सन 1901 में इसकी आबादी 29 लाख 33 हजार एक थी, जिसमे 1538858 पुरुष एवं 1394143 महिलाएँ शामिल थी। सन…

    एमपी
    चँदेरी मे है महाभारत कालीन शिशुपाल की नगरी चेदी

    चँदेरी मे है महाभारत कालीन शिशुपाल की नगरी चेदी

    महाभारत के आदि पर्व , विष्णुपुराण , एवं श्रीमदभागवत में वर्णित कथानुसार वासुदेव की वहन का विवाह चेदि नरेश दमघोष के साथ हुआ था।उनके यहां जब शिशुपाल का जन्म हुआ तब उसके 3 नेत्र और…

    एमपी
    चँदेरी बो स्थान जहां 1500 महिलाओं ने सतीत्व बचाए रखने किया जौहर

    चँदेरी बो स्थान जहां 1500 महिलाओं ने सतीत्व बचाए रखने किया जौहर

    चँदेरी का जौहर — *************** मध्य कालीन इतिहास में चंदेरी का जौहर अपने सतीत्व रक्षा के लिए किए गए आत्मोत्सर्ग की महत्वपूर्ण घटना है। यह देश के सबसे बड़े जौहर में से है। मालवा के…

    एमपी
    ओरछा की कौन थी बो नर्तकी जिसकी रत्न समान थी गिनती और जिसके दोहे को सुनकर अकबर ने जिसे पुरुष्करत कर स्स्मान लौटाया

    ओरछा की कौन थी बो नर्तकी जिसकी रत्न समान थी गिनती और जिसके दोहे को सुनकर अकबर ने जिसे पुरुष्करत कर स्स्मान लौटाया

    राय प्रवीण का महल ओरछा – ********************** राय प्रवीण ओरछा राज्य की अपने समय की सुप्रशिद्ध नर्तकी , कवि और अनिध्य सुंदरी थी। वह महाकवि केशव की शिष्या और ओरछा के राज पुत्र इंद्रजीत सिंह…

    क़िस्से
    टंट्या भील – एक दस्यु से जननायक और स्वतंत्रता सेनानी

    टंट्या भील – एक दस्यु से जननायक और स्वतंत्रता सेनानी

      पूर्वी निमाड़ में सन 1857 के विप्लब् के थमने के बाद टंट्या भील एक स्वन्त्रता सेनानी और जननायक के रूप में उभरा। निमाड़ क्षेत्र में सन 1878 से 1889 की अवधि उसकी गतिविधियों के…

    एमपी
    कौन था बो बाज बहादुर जिसने अपनी पत्नी को देने के बदले सम्राट अकबर को

    कौन था बो बाज बहादुर जिसने अपनी पत्नी को देने के बदले सम्राट अकबर को

    कहलबादिया था की बो भेज दें अपनी पत्नी इसे मज़ार मत कहो , ये तो महल है प्यार का ये ज़िन्दगी उसी के है , जो किसी का हो गया प्यार ही में खो गया…

    उज्जैन की चिट्ठी
    जानिए कौन हैं बो राणो जी सिंद्धिया जिनहोने मस्जिद को हटबाकर नए सिरे से कराया था महाकाल मंदिर निर्माण

    जानिए कौन हैं बो राणो जी सिंद्धिया जिनहोने मस्जिद को हटबाकर नए सिरे से कराया था महाकाल मंदिर निर्माण

      सिंद्धिया वंश के संस्थापक राणो जी को पेशवा ने उज्जैन का सूबेदार नियुक्त किया था। ।उज्जैन में महाकाल मंदिर का निर्माण उन्ही के द्वारा कराया गया था । गुलाम वंश के शासक इल्तुतमिश ने…

    क़िस्से
    किस्सा ए अकबर बीरबल: पूरा चांद और चौथ का चांद

    किस्सा ए अकबर बीरबल: पूरा चांद और चौथ का चांद

    जब अकबर-बीरबल यात्रा पर ईरान गए और वहां पर नवाब के मेहमान बनकर रहे। दो दिन रूके वह दोनों, खूब हुई खातिरदारी, फिर आई वापिस लौटने की बारी। नवाब ने बीरबल को जान चतुर सुजान,…

    क़िस्से
    किस्सा ए अकबर बीरबल:आप भी जानिए क्या है बीरबल की तीक्ष्ण बुद्धी का राज जो उन्होंने अकबर को बताया

    किस्सा ए अकबर बीरबल:आप भी जानिए क्या है बीरबल की तीक्ष्ण बुद्धी का राज जो उन्होंने अकबर को बताया

    सम्राट अकबर कभी जरूरत से, कभी मनोरंजन के लिए बीरबल से कठिन प्रश्न करता रहता था, एक दिन बादशाह ने पूछा- ‘तुम्हें तीक्ष्ण बुद्धि कहां से मिली?’ बीरबल- ‘जहांपनाह, यह मुझे मूर्खों से मिली है!’…