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सोनिया गांधी के करीबी होने के चलते दिग्विजय सिंह की प्रदेश अध्यक्ष पद पर ताजपोशी होना लगभग तय - Aaj Ki Chitthi : पढ़ें हिंदी न्यूज़, Latest and Breaking News in Hindi, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी

सोनिया गांधी के करीबी होने के चलते दिग्विजय सिंह की प्रदेश अध्यक्ष पद पर ताजपोशी होना लगभग तय

भाजपा और बजरंग दल के लोग आईएसआई से पैसा लेकर कर रहे पाकिस्तान के लिए जासूसी: दिग्विजय सिंह

भाजपा और बजरंग दल के लोग आईएसआई से पैसा लेकर कर रहे पाकिस्तान के लिए जासूसी: दिग्विजय सिंहभाजपा और बजरंग दल के लोग आईएसआई से पैसा लेकर कर रहे पाकिस्तान के लिए जासूसी: दिग्विजय सिंह

मोहन शर्मा

प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व की लड़ाई तेज हो गई है. पीसीसी चीफ को लेकर कांग्रेस अब तक सिर्फ दो गुटों में बंटी हुई थी, लेकिन अब तीसरा गुट  यानी दिग्विजय सिंह भी मैदान में आ गए हैं. लोकसभा चुनाव  में मिली हार के बाद कांग्रेसियों में उत्साह  भरने के लिए पार्टी को अब नए नेतृत्व का इंतजार है. लेकिन, नेताओं में मची खींचतान के काण पार्टी पीसीसी चीफ का नाम तय नहीं कर पा रही है.

कांग्रेस के अध्यक्ष को लेकर नेताओं के कार्यकर्ता भोपाल  से लेकर दिल्ली  तक लॉबिं करने में जुटे हैं. अब तक यह माना जा रहा था कि कांग्रेस में कमलनाथ के पंसदीदा चेहरे को दिग्विजय का साथ मिलेगा लेकिन   सोनिया के करीबी होने के चलते दिग्विजय सिंह की प्रदेश अध्यक्ष पद पर ताजपोशी होना लगभग तय

 दिग्विजय सिंह होंगे नए पीसीसी चीफ मध्य प्रदेश कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक सरगर्मियां तेज हो गई है दिल्ली में सोनिया गांधी की कांग्रेस नेताओं और कमलनाथ के साथ बैठक के बाद अब कभी भी कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष  एलान हो सकता है। माना जा रहा है कि नये पीसीसी चीफ के लिए दिग्विजय सिंह के नाम पर मुहर लगना लगभग तय है

वर्तमान स्थिति में यदि कांग्रेस की सरकार को पूरे 5 साल तक देश में चलाना है तो एक अनुभवी और मजबूत व्यक्ति संगठन का मुखिया होना जरूरी है और ऐसे में दिग्विजय सिंह से बेहतर कोई नहीं। सोनिया गांधी का यह व्यक्तिगत अनुभव रहा है कि कांग्रेस के संकट के समय में दिग्विजय सिंह  ही व्यक्तित्व है जो कम से कम मध्यप्रदेश में कांग्रेस को एकता के सूत्र में बांधकर  रख सकते हैं । । ऐसे में यदि कमलनाथ के संकटमोचक माने जाने वाले दिग्विजय प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालते हैं तो निश्चित ही प्रदेश कांग्रेस में एक नई ऊर्जा का संचार होगा ,ऐसा आलाकमान का मानना है हालांकि दिग्विजय को पीसीसीसी बनाने में सिंधिया एक बड़ा रोड़ा बन सकते हैं लेकिन दिग्विजय के समर्थकों की अच्छी खासी तादाद न केवल प्रदेश में बल्कि राष्ट्रीय स्तर के कांग्रेस नेताओं में भी होना उनके पक्ष में जाता है।

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