डॉक्‍टर ए. पी. जे. अब्‍दुल कलाम की जयंती सयुक्‍त राष्‍ट्र विश्‍व विद्यार्थी दिवस के रूप में मनायी जा रही है - Aaj Ki Chitthi : पढ़ें हिंदी न्यूज़, Latest and Breaking News in Hindi, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी
  • October 25, 2020

डॉक्‍टर ए. पी. जे. अब्‍दुल कलाम की जयंती सयुक्‍त राष्‍ट्र विश्‍व विद्यार्थी दिवस के रूप में मनायी जा रही है

Doctor A. P.J. Abdul Kalam's birth anniversary is being celebrated as United Nations World Day of Students

 

भारत के 11वें राष्‍ट्रपति डॉक्‍टर ए. पी. जे. अब्‍दुल कलाम की जयंती आज सयुक्‍त राष्‍ट्र के तत्‍वाधान में विश्‍व विद्यार्थी दिवस के रूप में मनायी जा रही है। इस वर्ष का विषय है लोगों, पृथ्‍वी, खुशहाली और शांति के लिए शिक्षण।

‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया ‘ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. कलाम का जन्‍म 15 अक्‍तूबर 1931 में रामेश्‍वरम् में हुआ था। वे एरोस्‍पेस वैज्ञानिक थे जिन्‍होंने करीब चार दशक तक डीआरडीओं और ISRO में सेवा की थी। डॉक्‍टर कलाम को उन्‍हें शिक्षण और विद्यार्थियों से विशेष लगाव था।

27 जुलाई, 2015 में ली अंतिम सांस

कलाम न सिर्फ वैज्ञानिक, थिंकर, फिलॉस्फर थे, बल्कि एक टीचर भी थे। वह चाहते थे कि दुनिया उन्हें एक शिक्षक के रूप में याद रखे। उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान से भी नवाजा गया था। डॉ. कलाम को ‘पीपल्स प्रेसीडेंट’ के तौर पर भी जाना जाता है। 27 जुलाई, 2015 को IIM शिलॉन्ग में एक सेमिनार में स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए एक स्ट्रोक की वजह से डॉ.कलाम की मृत्यु हो गई थी। साल 2020 में डॉ. कलाम के 89वें जन्म-दिवस के अवसर पर ‘विश्व छात्र दिवस 2020’ की थीम ‘लर्निंग फॉर पीपल, प्लैनेट, प्रॉस्पेरिटी एण्ड पीस’ घोषित की गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने डॉक्‍टर ए. पी. जे. अब्‍दुल कलाम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट में कहा है कि देश राष्‍ट्रपति और वैज्ञानिक के रूप में राष्‍ट्र के विकास में डॉक्‍टर कलाम के योगदान को कभी नहीं भूल सकता।

आज वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे के मौके पर पढ़े डॉ.कलाम द्वारा कहे गए कुछ प्रसिद्ध ऐसे मोटिवेशन कथन,जो स्टूडेंट के साथ ही हर इंसान के लिए एक प्रेरणा दाय हैं

॰ “ सपने वो नहीं होते हैं जो नींद में देखे जाते हैं , सपने वो होते हैं जो आपको नींद ही नहीं आने देते। 

॰ अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा। 

॰ अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं तो पहले आपको सूरज की तरह तपना होगा।

॰   आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बीमारी को मारने के लिए सबसे बढि़या दवाई है।

॰   राष्ट्र के सबसे अच्छे दिमाग कक्षा में सबसे आखिरी बेंच पर पाए जा सकते हैं।

॰   कभी हार मत मानो, आज कठिन है, कल और भी बदतर होगा लेकिन परसों धूप अवश्य खिलेगी।

॰   अपनी पहली सफलता के बाद विश्राम मत करो, क्‍योंकि अगर आप दूसरी बार में असफल हो गए तो बहुत से होंठ यह कहने के इंतजार में होंगे कि आपकी पहली सफलता केवल एक तुक्‍का थी।

॰  ब्‍लैक” कलर भावनात्‍मक रूप से बुरा होता है लेकिन हर ब्‍लैकबोर्ड विद्यर्थियों की जिंदगी ”ब्राइट” बनाता है.

॰ अपने मिशन में सफल होने के लिए, आपके पास अपने लक्ष्य के लिए एकल-दिमाग वाली भक्ति होनी चाहिए.

॰   नकली सुख की बजाय, ठोस उपलब्धियों के पीछे समर्पित रहिये।

॰  शिखर तक पहुंचने के लिए ताकत चाहिए होती है,चाहे वो माउंट एवरेस्ट का शिखर हो या आपका पेशा

aajkichitthi

Read Previous

मुख्यमंत्री ने ग्रामों में स्वच्छ पेयजल के लिए नल-जल योजनाओं का किया शिलान्यास

Read Next

मुरैना में सालभर से नहीं हुआ ठेका, नगर निगम को लगा 25 लाख का चूना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *