Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
छतरपुर की बेटी की थाईलैंड में हादसे में मौत मामले में विधायक ने दूतावास में बात कर समझी शव लाने की प्रक्रिया, विदेश मंत्री के ट्वीट बाद कमलनाथ सरकार भी आई आगे - Aaj Ki Chitthi : पढ़ें हिंदी न्यूज़, Latest and Breaking News in Hindi, हिन्दी समाचार, न्यूज़ इन हिंदी

छतरपुर की बेटी की थाईलैंड में हादसे में मौत मामले में विधायक ने दूतावास में बात कर समझी शव लाने की प्रक्रिया, विदेश मंत्री के ट्वीट बाद कमलनाथ सरकार भी आई आगे

छतरपुर।
मध्य प्रदेश के छतरपुर की बेटी प्रज्ञा पालीवाल की थाईलैंड के फूकेट शहर में सड़क हादसे में मौत हो गई। प्रज्ञा बेंगलुरू की एक कंपनी में काम करती थीं। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर दुख जताया है और पीड़ित परिवार की मदद के लिए कमलनाथ सरकार आगे आई है। वहीं विदेश मंत्री जय जयशंकर ने पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। खासबात यह है कि शव को भारत लेकर आने में घर के दूसरे किसी सदस्य के पास पासपोर्ट न होने से आ रही दिक्कत के समाधान के लिए राज्य और केंद्र सरकार की और से मिले इस भरोसे के बाद पासपोर्ट बनाये जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और विधायक ने खुद दूतावास बात करके शव लेकर आने की पूरी प्रक्रिया को समझा है।

यह है मामला

शहर के सीताराम कॉलोनी में रहने वाले शिवकुमार पालीवाल की बेटी प्रज्ञा पालीवाल का थाईलैंड के फूकेट शहर में सड़क हादसे में निधन हो गया। बुधवार की रात यह खबर प्रज्ञा के परिजनों को मिली तो वे बिलख पड़े। प्रज्ञा का शव थाईलैंड से लाने के लिए इस परिवार के किसी भी सदस्य के पास पासपोर्ट नहीं होने के कारण वे परेशान हो गए। स्थानीय विधायक आलोक चतुर्वेदी से मिलकर जब उन्होंने अपनी परेशानी बताई तो विधायक ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री से मदद मांगी। विधायक के ट्वीट के बाद स्थानीय सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने भी विदेश मंत्री से संपर्क किया। सुबह होते-होते विदेश मंत्रालय से लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ तक यह मामला पहुंच गया। सुबह से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट करके मदद का भरोसा दिलाया। अमित शाह के निज सचिव डॉ. राकेश मिश्रा ने भी इस मामले में संज्ञान लिया और प्रज्ञा का शव भारत लाए जाने के लिए जरूरी प्रक्रिया की जानकारी एकत्र करके प्रज्ञा के परिजनों को दी। उधर सुबह ही मुख्यमत्री कमलनाथ ने ट्वीट करके पीडि़त परिवार को भरोसा दिलाया कि वे परेशान नहीं हो, सरकार आपके साथ है, हर संभव मदद के निर्देश दिए गए हैं। विदेश मंत्रालय से चर्चा कर शव लाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार भी अगर जाना चाहे तो सरकार पूरा इंतजाम करेगी।

बिजनेस कंपनी की कांफ्रेंस में शामिल होने गई थी प्रज्ञा

प्रज्ञा के पिता शिवकुमार पालीवॉल ने बताया कि बैंगलुरू की एक अथेंचर कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में प्रज्ञा जॉब कर रही थी। प्रज्ञा थाईलैंड की यूनेट बिजनेस कंपनी की तीन साल की मेंबरशिप लिए थी। इस कंपनी की हर साल कांफ्रेंस होती है। इस साल यूनेट कंपनी की कांफ्रेंस थाईलैंड में थी। उसी को अटैंड करने के लिए प्रज्ञा थाईलैंड गई थी। यह 6 दिन की कांफ्रेंस 11 अक्टूबर से शुरू होनी थी। लेकिन प्रज्ञा 7 अक्टूबर को ही बैंगलुरू से थाईलैंड के लिए रवाना हो गई थीं। 8 अक्टूबर को प्रज्ञा थाईलैंड पहुंच गई थी। कांफ्रेंस से पहले एक-दो दिन वह बैंकाक घूमने की प्लानिंग से निकली थीं। लेकिन 9 को प्रज्ञा की बैंगलुरू में रूम मेट मरियम ने छतरपुर में कॉल करके सूचना दी कि प्रज्ञा का बैंकाक के फूकेट शहर में कार से बड़ा एक्सीडेंट हुआ है। बाद में थाईलैंड से भी उसके निधन की खबर आ गई।

शुरू हुई पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया, दो सदस्य दिल्ली रवाना

 

विदेश मंत्रीऔर मुख्यमंत्री कमलनाथ के ट्वीट के बाद जिला प्रशासन ने पीडि़त परिवार के दो सदस्यों के पासपोर्ट बनाए जाने की प्रक्रिया जिला स्तर पर शुरू कर दी गई। उधर प्रज्ञा पालीवाल के शव को भारत लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। छतरपुर विद्यायक आलोक चतुर्वेदी ने थाईलेंड दूतावास में बातकर पूरी प्रक्रिया समझी। विधायक ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, मुख्यमंत्री कमलनाथ और जिला प्रशासन से बात कर शव को वापस लाने की प्रक्रिया पूरी कराई। प्रज्ञा के परिवार के दो सदस्य दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने भरोसा दिया है कि दिल्ली में भी परिवार को पूरी मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

Aaj kichitthi

Read Previous

क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या

Read Next

खण्डवा में स्कूली ऑटो ट्रोले से टकराया, 8 साल की बच्ची की मौत, खबर पाकर माँ हुई बेहोश, ट्रक चालक फरार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *