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  • October 22, 2020

मुरैना में सालभर से नहीं हुआ ठेका, नगर निगम को लगा 25 लाख का चूना

No contract for more than a year in Morena, Municipal Corporation loses 25 lakh

होर्डिंग शुल्क वसूली में गड़बड़झाले के आरोप

मुरैना।

नगर निगम क्षेत्र में होर्डिंग लगाने का ठेका पिछले एक साल से फाइनल नहीं हो सका है। खास बात यह कि इसके बावजूद शहर में होर्डिंग्स लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इससे मिलने वाला रेवेन्यू नाम मात्र का है। होर्डिंग्स का ठेका न हो पाने के कारण नगर निगम को लगभग 25 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।
शहर में होर्डिंग्स लगाने का ठेका सितम्बर 2019 में ही खत्म हो गया था। तब से नगर निगम नया ठेका नहीं दे पायी। हालांकि ठेका देने के लिए नगर निगम ने चार बार टेण्डर आमंत्रित कर चुका है, लेकिन हर बार प्रक्रिया को रद्द कर देना पड़ा। हद तो इस बात की है कि सालभर से ठेका नहीं होने के बाद भी शहर में होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं। इस संबंध में नगर निगम प्रशासन यह सफाई देता आ रहा है कि होर्डिंग्स प्रशासकीय अनुमति से लग रहे हैं और इनका शुल्क सीधे नगर निगम में ही जमा हो रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि पिछले एक साल में होर्डिंग्स से महज 15-20 हजार रुपए राजस्व मिला है। बता दें कि इस वर्ष होर्डिंग्स के ठेका के लिए नगर निगम ने सरकारी रेट 25 लाख रुपए तय की है। यदि ठेका फाइनल कर दिया गया होता तो इतना राजस्व नगर निगम को मिल सकता था।

यूं चली टेंडर प्रक्रिया

  • नगर निगम ने ठेका के लिए जब पहली बार विज्ञप्ति जारी की तो कोई भी टेण्डर प्राप्त नहीं हुआ।
  • -दूसरी बार में सिद्धगुरु ग्राफिक्स नामक फर्म का इकलौता टेण्डर आया तो प्रक्रिया रद्द कर दी गई।
  • -तीसरी बार में भी एक ही टेण्डर विज्ञप्ति आई तो फिर से ठेका प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया।
  • -चौथी बार में भी सिर्फ सिद्धगुरु ग्राफिक्स फर्म ने ही टेण्डर डाला। लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं आया।

सिर्फ एक वर्ष चला तीन साल का ठेका

वर्ष 2018 में नगर निगम ने होर्डिंग लगाने का ठेका ग्वालियर की एक फर्म को दिया था। यह ठेका 44 लाख रुपए में तीन साल के लिए था। जिस फर्म को ठेका मिला, उसने शहरभर में होर्डिंग्स के स्ट्रक्चर खड़े किए और सालभर काम भी किया। लेकिन एक वर्ष के बाद ठेका रिन्यू नहीं कराया गया, इसलिए यह खत्म हो गया। हैरत की बात यह कि ठेका खत्म होने के बाद भी उस फर्म के होर्डिंग स्ट्रक्चर पूरे शहर में लगे हुए हैं और इन पर विज्ञापन के बैनर्स लगातार लगाए जा रहे हैं।

उठ रहे हैं ये सवाल

होर्डिंग्स का ठेका सितम्बर 2019 में ही खत्म हो जाने के बाद भी पुरानी फर्म के स्ट्रक्चर शहर में क्यों लगे हुए हैं, यह सवाल लोगों के जेहन में कौंध रहा है। लोगों का कहना है कि जब ठेका खत्म हो चुका है तो स्ट्रक्चर्स को हटाया क्यों नहंीं जा रहा है। एक सवाल यह भी उठ रहा है कि अब चौथी बार भी सिर्फ एक ही टेण्डर आने पर ठेका प्रक्र्रिया को पूरा किया जा रहा है तो इससे पहले दो बार एक ही टेण्डर आने पर प्रक्रिया को निरस्त क्यों कर दिया गया।

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